जब नहीं होंगे पास, कभी तुम और मैं।
तो क्या मेरी यादें तुम्हें सताएगी।

वो मेरी चूड़ी का खनकना।
वो मेरी पायल का छनकना।
क्या ये सब तुम्हें,मेरी याद दिलाएंगी।

अक्सर पूछती हूं, मैं खुद से।
अक्सर पूछती हूं, मैं खुद से।
क्या जगह है मेरी,तुम्हारी जिंदगी मे।

अक्सर पूछती हूं, मैं खुद से।
क्या जगह है मेरी, तुम्हारी जिंदगी मे।

मेरी जिंदगी हंसकर जवाब देती है।
मेरी जिंदगी हंस कर जवाब देती है।
तू खुद ही बता, क्या तू उसके बिना जी पाएगी।
जी पाएगी।
जी पाएगी।

- नीति अनेजा पसरिचा
  रुद्रपुर,उत्तराखंड