हर रात मुझसे मिलने आती है..
तेरी यादों की बारात ।
कभी हंसाती , कभी तड़पाती ,बेहद सताती , रुलाती है
तेरी यादों की बारात ।
सुख चैन मेरा छिन जाता है ,मेरी नीद छुरा ले जाती है ,
तेरी यादों की बारात ।
एक कसक बनकर रह गई बीते दिनों की याद ,बड़ी ज़ालिम है तेरी यादों की बारात ।
जाऊं जहाँ भी ना आये क़रार बड़ा सितम ढातीं हैं
तेरी यादों की बारात
मर कर ही सुकूं मिलेगा इनसे ,ज़िंदगी भर ना पीछा छोड़ने वाली, तेरी यादों की बारात ।
हुमा अंसारी

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