हम भारतीयों की परिधान अनमोल,
इनका किसी से नहीं तोल..
अलग-अलग संस्कृति हमारी पहचान,
चाहे हो गांधी टोपी ,पगड़ी, फेटा और साफा ..
हर देश में होता सुशोभित भारतीय परिधान,
हर प्रांत का पहनावा, होती उसकी शान...
सदियों से चला, पारंपारिक भारतीय परिधान,
भाषा , भेष भोजन से हमारी पहचान..
परंपरा, उत्सव ,पर्व को शोभित है करते,
लाज, सम्मान ,परिचय ,पहचान है कराते...
रंग बिरंगे हमारे भारतीय परिधान,
भारत को है सजाते...
मंजू रात्रे ( कर्नाटक )

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