बहुत मेधावी होगा अगर किसी का बच्चा
तो डॉक्टर, इंजीनियर, प्रशासनिक अधिकारी,
खिलाड़ी या फिर वैज्ञानिक बनकर
अपने माता-पिता, खानदान का नाम
रौशन कर जाएगा,
इतना बुद्धिमान व मेहनती होने के बावजूद
किसी भी विभाग में 
वो पद किसी जुगाड़ू नेता से नीचे ही पाएगा,
हर हथकंडे में माहिर वो नेता
अपने मिजाज के हिसाब से उसे 
जब चाहे तब हड़काएगा और बेचारे 
उस मेधावी इंसान का भरोसा प्रतिभा व मेहनत से
उठता जाएगा।

बहुत देशभक्त होगा अगर किसी का बच्चा
तो देश के लिए तन मन धन समर्पित करके
अपनी मातृभूमि का झंडा समस्त विश्व में
लहरा कर जाएगा,
इतना सबकुछ करके आखिरकार वो भी एक दिन
नेताओं की घटिया राजनीति का शिकार 
बन जाएगा,
कोई  चालाक नेता उसके बलिदान से जनता के
वोट बटोर जाएगा और कोई विपक्षी नेता उसकी
नीयत पर सवाल उठा वोट जुटाने का
जुगाड़ भिड़ाएगा,
कुछ इसी तरह एक देशभक्त का बलिदान
राजनीति की भेंट चढ़ जाएगा।
                                              जितेन्द्र 'कबीर'
                                              
यह कविता सर्वथा मौलिक अप्रकाशित एवं स्वरचित है।
साहित्यिक नाम - जितेन्द्र 'कबीर'
संप्रति - जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश