मैं कहता हूं न मैं तुमसे प्रेम नहीं करता 

भ्रम है तुम्हारा की मैं तुम पर  ही मरता 

नहीं रोता मैं तेरी याद आ जाने पर

आंसूओं का सागर भी मेरी आंखों से नहीं बहता



कौन कहता है मैं उदास सा रहने लगा हूं

यह भ्रम है तुम्हें की मैं तेरे बिना रह नहीं सकता

न अकेला हूं न तनहा हूं न मैं गुमसुम सा रहता 

हां मुझे नहीं चुभता उम्मीदों का फिर से सुरज ढलता




नहीं टूटा  हूं मैं तेरी साथ बिताए यादों को लेकर

छुटता हर सांस नहीं फिर भी यह चलता रहता

न उम्मीद बंधी है तेरे फिर से आने की भी 

न चांदनी रातों में मैं तारों से तेरे बारे बातें करता



हां मैं अब तेरे बिना ही अब राहें चलता है 

मैं मानता हूं आसान नहीं तेरे बिना जिंदगी

तो क्या हुआ तेरी यादों में ही जीता मरता

हर घड़ी हर पल बस मैं तुझमें ही रहता



जरुरी नहीं तेरे साथ ही रहूं जीवन भर मैं

बस कामना थी अंतिम सांस तेरी बाहों में भरता

मैं टूटते सपनों से  कभी भी नहीं डरता

हां यह झूठ है कि मैं तुम्हें प्यार नहीं करता



जिंदगी की हर सांस मैं आज भी तेरे नाम ही भरता

निश्छल प्रेम मैं तुमसे आज भी उसी तरह करता

लौट आ फिर से तु तेरे बिना यह शाम भी नहीं ढलता

तेरे बिना कमबख्त जिंदगी अब एक पल भी नहीं चलता



आ चल चलें कहीं दूर तेरे साथ किसी बस्ती में

जहां प्रेम की दूनियां ही चारों तरफ बसता

हां मैं तुझसे ही हूं  हमेशा-हमेशा से प्रेम करता

हां मैं तुझसे ही हूं हमेशा-हमेशा से प्रेम करता


                        मित्र