अभिनंदन हे कर्मवीर!
हे राष्ट्र योद्धा! हे धर्मवीर!
हे मातृ भू के संरक्षक!
हे अमर पुत्र! परहित वासी।
मां भारती के चरणों में
कर दिया समर्पित जीवन को
हे देश सेवा के अभिलाषी!
तुम ही हो सच्चे साथी
हे राष्ट्रधर्म के चीर वाहक!
निखारे कुंदन पवित्र पावक
शपथ लिए हो अपने मन में,
कफ़न बांध तुम डटे हो मग में।
दुश्मन एक न आने पाए,
रक्षार्थ हो तुम जब तलक समर में।
बाढ़,भूकंप-आपदा में,
तुम सर्वदा देखे जाते हो।
सेवा का संकल्प लिए,
भवसागर पार लगाते हो।
मन में भक्ति,तन में शक्ति,
तुम देव ऐसे निराले हो।
देश हित हो सबसे आगे,
संकल्प लिए यह जाते हो।
मां भारती के तुम भक्त निराले,
अगनित दीपक,अनंत उजाले।
स्वीकार करो प्रकाश अभिनंदन।
हे भूमि सुत!भारती नंदन...
हे भूमि सुत! भारती नंदन....
✍️ प्रकाश

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