रात पूनम की
भूख कई दिन की
रोटी जैसा दिखता है चांद
या चांद जैसी रोटी
लल्ला रो रहा है
रोटी के लिए
मां कैसे समझाए?
कैसे बताए?
कि रोटी उतनी ही दूर है
जितना दूर है चांद
जितनी दूर हिमालय की चोटी
आंगन में चूल्हा
चूल्हे पर हांडी
हांडी में पानी
पानी में पत्थर
पत्थर? हां पत्थर!
पत्थर उबल रहा है
पर गल नहीं रहा
पत्थर! पत्थर दिल जो ठहरा
मां दे रही दिलासा
बन रहा है खाना
गुनगुना रही है लोरी
भूख वाली थोड़ी
थोड़ी ममता वाली लोरी
लल्ला देख रहा है चांद,
चांद में दिखता रोटी
रोटी में दिखती भूख
भूख में दिखता पत्थर
पत्थर भी रोटी हो गया
उसी पत्थर के बोझ से
नींद दब गई लल्ला सो गया ।
©® *पीयूष* *कुमार* *तिवारी* ( *सोमेश*)

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