जागता मैं  रहा,
उनकी याद में रात भर ,
तड़पती वो रही, 
मेरी याद में रात भर, 
जब सवेरा हुआ, 
हम वो मिले, 
हम पूछते रहे, 
एक दूसरे से, 
सोये न थे क्यूँ रात भर, 
जागते रहे क्यूँ रात भर,
न कुछ उसने कहा, 
न कुछ मैं ने कहा, 
वो भी मुस्कराती रही, 
मैं भी मुस्कुराता रहा,
दिल दिल से मिला, 
और नजरें झुकी,
जागत मैं रहा, 
जागती वो रही |

     पुष्पेन्द दुबे