कदमों में जमी नजर में आसमाँ रखिए,
मुश्किलें तो आएगी राहों में साथ सब्र हौसला रखिये।
उमर का तकाजा तो एक बहाना है,
कुछ मशक्कत तो कर गर कुछ पाना है
मंजिले दौड़कर आयेंगी साथ अपने एक बवफा रखिए।
आँखों में हो अश्क होठों पर खुशी हो
दिल मे दर्द हो पर न बेबसी हो,
खुद बा खुद मिलेंगी राहें कदम चाहें जहाँ रखिये।
बढ़ते हुए दरिया से कदम न रोक अंजुम
वह गये तो एहसास हो जायेगें बच गए तो खास हो जाएंगे।
गर मौत का दिन मुकर्रर है फिर क्यों हर
रोज जिन्दगी से डर डरके जिंदा रहिये।
जिंदगी के साथ जीने का राब्ता रखिए।
अंजू दीक्षित
उत्तरप्रदेश💞

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