तन की सुंदरता के ऊपर, 
मन की सुंदरता को लाओ ।
तन सुंदर तो खूब मिलेंगे 
मन सुंदर लाखों में एक।
तन की सुंदरता के ऊपर ,
मन की सुंदरता को लाओ।
 बाहयरूप को खूब संवारा ,
 भीतर का ना ध्यान दिया। 
तन की सुंदरता के ऊपर 
मन की सुंदरता को लाओ।   
 रूप रंग के इस सागर को 
और कहीं जा   छलकाओ ।
तन सुंदर तो खूब मिलेंगे 
मन सुंदर लाखों में एक। 


                  सपना कुमारी
                  बिहार पटना