पतझड़ के बाद 


पतझड़ के बाद 
उमड़ते है बादल
आशाओं उम्मीदों के
बरसते शुष्क धरा पे
करने को अंकुरित
नवजीवन नवकोंपल
करने को प्रफुल्लित
कलरव करते पंछी
नीरव और नीरस 
मानव मन में भरने
प्राणवायु जिससे
संचारित हो सके 
उल्लास मय जीवन


          मंजुबाला