ये स्टेटस डाला व्हाट्सएप्प पे,
कि आँखे मेरी चार हुई।
सब समझे मुझको प्यार हो गया,
और इश्क की मैं बीमार हुई।
सब सखियां पूछी–"कौन है वो?"
रिश्तेदारों को मैं खटकने लगी।
उफ़्फ़!हर सेकेंड में फोन की
नोटिफिकेशन टोन बजने लगी।
पड़ोसन आंटी भी आ पहुंची,
मम्मी को सारा ज्ञान दिया।
पहले तो कुछ समझ न आया
मैंने ऐसा क्या कांड किया?
"स्टेटस में लिखा क्या तुमने?"
मम्मी ने मुझे घूर के पूछा।
मैं अपना सिर पकड़ के बैठी,
गुस्से में कुछ मुझे न सूझा।
अपना फोन उठाया मैंने
और व्हाट्सएप्प ऑन किया।
एक चश्मेवाली अपनी पिक को
स्टेटस पर सेंड किया।
मैंने लिखा – हे प्रियजनों!
आँखों से कम मुझे दिखने लगा
और आँखे मेरी चार हुई
क्योंकि अब चश्मा है लगने लगा।
🤓 🤓 🤓 🤓 🤓 🤓 🤓
– प्रीति ताम्रकार

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