कल  किसने देखा मत सोचो बस आज में ही जियो ,
खुलके मुस्कुराओ जिंदगी से नजदीक जाके मिलो।

उम्र लम्बी हो इसकी दुआ न करो,
किसी का दिल न दुखाओ गर दवा न बनो।

सारी दुनियाँ से चाहें दुनियाँ दारी न रखो,
    पर चन्द रिश्तों का जज्बा  सबसे हटके अपने दिल में रखो।

यह आँसू तड़प हैं जिंदगी का एक हिस्सा,
न हर बात को लेकर जहन पर बोझ भारी रखो।

सब रिश्तों को नाम दो ,दिल की हसरतों को अंजाम दो,
पर कुछ हसरतें बेमानी भी रखो।

किसने कहा आपसे युगों तक जियो,
गर चार दिन भी जियो  तो मिशाल बनके जियो।

तुम जमाने के दिल में बस सको ,किसी से मिलो या न मिल सको
तेरी बातों से तुझको महसूस कर ले,किसी दिल मे अपने लिए कसक यह
बेकरारी रखो।

जब जाओ जहाँ से होके जुदा ,
नम हो जाये हर आँख तेरे बिछड़ने के रंज से ,शख्सियत अपनी इतनी प्यारी रखो।




                      अंजू दीक्षित 
                   बदायूं उत्तरप्रदेश