चलना ही जिंदगी है
बढ़ते रहो अरमानों के साथ,
जब चलते - चलते थक जाओ
तब ये  ध्यान   रखना
सुनो,तुम अपना ख्याल रखना।

जिंदगी की दौड़ में चलते -चलते
कभी- कभी मुड़कर भी देखना,
 कौन - कौन चल रहा है साथ
इसका भी ध्यान रखना,
अपनों का साथ भी है जरूरी
 बस इस बात का मान रखना,
 सुनो, तुम अपना ख्याल रखना।

हम दूर रहें या रहें पास
पर ख्यालों में मुझे साथ रखना,
तुम्हारी इस दौड़ में  ,मैं
रह न जाऊँ कहीं अकेली
इस बात का ध्यान रखना,
सुनो ,तुम अपना ख्याल रखना।

 तुम ही मेरा जीवन, मेरी सांसे
तुमसे ही जीवन संगीत ,
इस सरगम का अहसास रखना
सुनो तुम अपना ख्याल रखना,
स्वप्न लोक में विचरण करती
पकड़ तुम्हारा हाथ
ये हाथ कहीं छूट न जाय
बस इतन ही ध्यान रखना,
सुनो,तुम अपना ख्याल रखना ।।
                                       

                              
 आशा झा " सखी