करती अठखेलियाँ जल से
जलपरी सी लगती थी
चार वर्ष की उम्र में
चंपताला के घाट पर
जल से खेला करती थी
चंद पलों में इस पार से
उस पार हो जाया करती थी
करना है कुछ खास
बस हर पल सोचा करती थी
जल से नाता गहरा
जलपरी बन जाऊँ
भूल न पाये विश्व
कुछ ऐसा कर जाऊँ
करके इंग्लिश चैनल पार
प्रथम एशियाई महिला
तैराक मैं बन जाऊँ
किया दृढ़ संकल्प मन में
आरती कूद पड़ी चैनल में
प्रथम प्रयास हो गया असफल
निराशा घिर गई थी मन में
किया अभ्यास निरन्तर
पुनः प्रयास किया था
द्वितीय प्रयास में आरती ने
इंग्लिश चैनल पार किया था
बन प्रथम एशियाई महिला
आरती ने देश का नाम किया था
देकर पदमश्री देश ने
जलपरी का सम्मान किया था।।
आशा झा" सखी

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