ज़िन्दगी के हालातो से हर कोई वाकिफ़ है
हर इंसान लड़ रहा है इस से
कभी टूटता है सम्मलता
कभी रोता है कभी हँसता है
एक कटपुतली की तरह नाच नाचती है ज़िन्दगी
ज़िन्दगी दर्द की वो चादर है जिसका कोई छोर नहीं
इस की शरुआत ही दुनिया मे आते ही रोने से होती है
ज़ब दुनिया मे बच्चा जनम लेता है आते ही डॉ एक हलकी सी चपत रख देता है इससे बच्चा रो देता है
ये होता है बेटा दुनिया मे आते है पहले दर्द का एहसास
अभी तो ये पहली ही मंजिल है तुझे तो अभी हर गमो का सामना करना है हर कदम पर जिंदगी इम्तिहान लेने के लिए खड़ी है
तुझे हिम्मत से इस जीवन की हर मुश्किल को पार करना है
राहों के हर पहाड़ को अपनी मेहनत से पिघलना है
ज़िन्दगी को फूलों की सेज कैसे बनाते है ज़माने को बताना है पसीना नहीं तूने तो खून बहाना है अपनी हिम्मत से गमो को भी दूर बहाना है
आलिया खान

2 टिप्पणियाँ
Dard se Zindagi Ka bada nata hai
Dard se hi Zindagi jeena AATA hai..