⚘⚘⚘⚘⚘⚘⚘ ॐ ⚘⚘⚘⚘⚘⚘⚘⚘
तेरी मीठी-मीठी बातों के जाल में फंस जाते हैं,
डोर इतनी पक्की है कि तोड़ ही नहीं पाते हैं,
दिल की गहराइयों में झांक कर देखो---
वफा करते हैं वफा ही चाहते हैं,
तुम पास हो या दूर हो,इस बात का गिला नहीं,
तुम हमारे ख्वाब हो, तुम सा कहीं मिला नहीं,
सुकून हो दिल के दिन-रात तुम ही से है,
दिल की तुमही हो राहत, हर चाहत तुम ही से है,
मेरी हर शायरी और गजल तुमही से है,
मेरी हर खुशी और गम तुम्ही से है,
बस मुलाकात एक है बाकी कुछ बात तुम ही से है
तुम से ही रौशन दुनिया जहान तुम्ही से है,
संगीता वर्मा✍✍

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