ए मेरी जिंदगी अब सदा दे मुझे, जां सलामत है कब तक बता दे मुझे।।
सांसे लेती क्यों इक पल तसल्ली नहीं,
जान देकर भी जीना मुकम्मल नहीं,
तेरे दिल में कोइ मशरूख हो गम नहीं,
तुझे पाने की भी अब तमन्ना नहीं,
जिंदगी है कसम सब जता दे मुझे, जिस्म से जां अलग कर दिखा दे मुझे
ए मेरी जिंदगी अब सदा दे मुझे, जां सलामत है कब तक बता दे मुझे।।
तुझपे हक है न तू मेरी तकदीर है,
दिल समझता क्यों फिर तुझको जागीर है,
क्या करूं दिल में तू ही तू मशहूर है,
तू मेरा है मेरा दिल ये मगरूर है,
तू मुझे याद न कर, गवारा मुझे, भूल जाने पे फिर क्यों शिकायत मुझे,
ए मेरी जिंदगी अब सदा दे मुझे, जां सलामत है कब तक बता दे मुझे।
काश कोई कहे दिल समझता है क्या,
उसको पाया नहीं फिर खोया है क्या,
कोई रिश्ता नहीं फ़िर टूटा है क्या,
आएगा वो नहीं बेकरारी है क्या,
जिनका गम भी था खुशियों का तोहफ़ा मुझे,
इक ख़ुशी आज उनकी सितम क्यों मुझे,
ए मेरी जिंदगी अब सदा दे मुझे, जां सलामत है कब तक बता दे मुझे।।
खुश रहे वो सदा वो जो मेरा नहीं,
कितना मासूम है दिल समझता नहीं,
जिंदगी पर भी हक जिंदगी का नहीं,
मौत मालिक शिकायत भी वाजिब नहीं,
चल मुझसे न मिल मेरे दर से गुजर,
इक झलक भी मुलाकात से कम नहीं,
ओ ख़ुदा मेरा सौ बारी सजदा तुझे, उसकी हद में ज़हर दे सुला दे मुझे,
ए मेरी जिंदगी अब सदा दे मुझे, जां सलामत है कब तक बता दे मुझे।।
............✍️🙏🌄🌄 ऋतु बाजपेई

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