देख सुंदर नारी का श्रृंगार
आइने का दिल हुआ बेकरार
देखकर सजते गुलाबी होंठ
संवरते घुंघराले बाल
नयन नशीले मतवाली चाल
कब तक रखता खुद को संभाल
कर बैठा मोहब्बत
मनमोहिनी सूरत
माथे पर बिंदी आंखों में काजल
घायल दिल प्रेमी पागल
प्यारी सी मुस्कान का कायल
सीधा सादा आइना शैतानी कर बैठा
प्यार में हसीना के रूहानी बन बैठा
आइने की आंखों में चमकता हरपल हसीना का नूर
ना मिली मोहब्बत तो बिखर कर हो गया चूर चूर ।।
मरते मरते आइना कह गया
आज बिखर गया तो बचकर निकलते हैं
कल तक जो रूक रूक कर देखा करते थे।
आइना हूं बिखरना मेरी फितरत है
पत्थरों से मुझे कोई गिला नहीं
दिल दे बैठे थे वो किसी और को तभी जाना मैंने
मैं बिखरा तब मुझसे आकर कोई मिला नहीं।
पिंटू कुमावत'किरण'🙏🙏💐💐

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