है वीणा वादिनी, है वीणा वादिनी,
जगाये रखना,इस देश के लाल को,
है वीणा वादिनी......
हिमगिरी के, उत्तंग शिखर पर,
तैनात वीर सिपाही,जागो तुम,
है वीणा वादिनी......
भारत माता के, वीर सपूतों,
जंग को रहना तैयार, जागो तुम,
है वीणा वादिनी......
भारत माता की, रक्षा का भार,
सारा है तुम पर, जागो तुम,
है वीणा वादिनी......
वैभवशाली है, इतिहास तुम्हारा,
देश के कर्म वीर हो, जागो तुम,
है वीणा वादिनी......
गर्मी ठंडी हो, बरसात का मौसम,
चौकस रहना है हरदम, जागो तुम,
है वीणा वादिनी.......
जब भारत पर, आता हो संकट,
दुश्मनों को खदेड़ना, जागो तुम,
है वीणा वादिनी.......
रानी झाँसी, वीर शिवाजी बन कर,
भाल तिलक सजाना, जागो तुम,
है वीणा वदिनी.......
हिमगिरी सा ऊँचा, मस्तक रखना,
भारत का मान रखना, जागो तुम,
है वीणा वादिनी.......
देश की आन बान, शान तिरंगा,
गरिमा बनाये रखना, जागो तुम,
है वीणा वादिनी.......
है वीणा वादिनी, है वीणा वादिनी,
जगाये रखना, इस देश के लाल को,
है वीणा वादिनी.......
गीत रचना -रजनी कटारे
जबलपुर (म. प्र.)

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