माँ ,मै परी हू तेरी
खुशियों की छडी हू तेरी ,
जब हँसती हू तो तुम हँसती हो
ऐसा प्यार हमे करती हो ।
माँ मै परी हू तेरी ,
पढ लिख ,कुछ ऐसा करूगी
परचम दुनिया मे लहरा दोगी
नही डरूगी ,नही झुकूगी ,
माँ का मस्तक ऊँचा कर दूगी
माँ ,मै परी हू तेरी ।
हमे ,दिये संस्कार जो तूने
उनको सम्मान दिला दूगी
मुझ पर गर्व करोगी
एक दिन
ऐसा परचम लहरा दूँगी
माँ,मै परी हू तेरी ,
खुशियों की छडी हू तेरी ।
मीनाक्षी शर्मा

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