तिरंगा के सम्मान में
जवानों ने अपनी जान कुर्बान किये
कल का उपद्रव ने तो 
गणतंत्र दिवस को शर्मसार किया
तोड़ कर सारे नियम
संविधान का कल अपमान हुआ
ऐसे होते हैं उपद्रवी लोग
मासूम किसानों की आड़ लिए
देशद्रोह का तांडव किया
नहीं है अन्नदाताओं के चेहरे वैसे
जैसा ‌कल प्रतीत हुआ
ये तो सोची समझी साज़िशें थी
जिसे कल देशद्रोहीयों ने कुछ 
हद तक साकार किया

जय हिन्द 
जय संविधान


                              प्रिया