नशा ही नशा है
मजा ही मजा है
थोड़ी सी मैंने पी
थोड़ी तूने पिला दी
आंख से आंख
जाम से जाम टकरा गया
तिरछी नशीली आंखों का नशा दिल में उतर गया
अब होश में ना हम हैं ना तुम हो
सांवरे ना हम कम हैं ना तुम कम हो
थोड़ी सी जो मैंने पी है
आंखों से थोड़ी और पिला दो
भर भर प्याला पिऊं मैं
तुझमें ही खोया रहूं
ऐसा नशा दो सांवरे
जागकर भी तेरी पलकों के नीचे सोया रहूं
खुले जब आंखे मेरी ओ श्याम
डूबा रहूं आंखों में तेरी ना तुम कुछ कहो ना मैं कुछ कहूं
ना तुम तुम रहो श्याम ना मैं मैं रहूं।।
पिंटू कुमावत'किरण'🙏🙏💐💐

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