बिटियाँ है मेरी दुनिया
बिटियाँ है दिल का टुकड़ा...!
बिटियाँ है घर की रौनक
चंदा सा उसका मुखड़ा..!!

बिटियाँ से ही है आज
बिटियाँ से ही है घर का साज...!
बिटियाँ से ही है बना
पिता को खुद पर नाज..!!

बिटियाँ है ममता की मूरत
बिटियाँ है माँ का साया...!
बिटियाँ है देवी का स्वरूप
बिटियाँ है आँगन कि छाया..!!

बिटियाँ से ही है वंश
बिटियाँ से ही है घर अपना...!
बिटियाँ से ही है बना 
संसार का हर सपना..!!

बिटियाँ है धन पराया
कहें लोग सारे...!
बिटियाँ क्यों छोड़ जाए खुद 
की ख्वाहिशों को भी मारें..!!

बिटियाँ है मेरी दुनिया
बिटियाँ है दिल का टुकड़ा...!
बिटियाँ है घर की रौनक
चंदा सा उसका मुखड़ा..!!
           
      आरती सुधाकर सिरसाट
       बुरहानपुर मध्यप्रदेश