यह फेसबुक की दुनिया है बड़ी चमक दमक और रोशनी
पर ध्यान से देखो तो नजर आयेगी इसमे एक कमी

पहले की दुनिया छोटी थी दोस्त हुआ करते थे चार
साथ मे मिलकर खाते थे साथ मनाते थे त्योहार

इस फेसबुक की बड़ी दुनिया मे कहने को हैं दोस्त हज़ार
पर एक भी ऐसा नही की जिस से कर सके मन की बाते चार

पर इस फेसबुक की दुनिया की यह भी अच्छाई है
बात भले ना हो पाए पर फेस तो देता दिखाई है

औनलाईन दिखने पर भी जिनसे बात नहीं कर पाते हैं
उनके लाइफ की फोटो को देखकर के खुश हो जाते हैं

                              भावना श्रीवास्तव