विश्व की सबसे भाग्यशाली माता भारत माता है
वीर सपूत खड़े बॉर्डर पे जिनकी वो भाग्यविधाता है!
सर्दी,गर्मी या हो बारिश माँ की रक्षा में खड़े रहें
कोशिश करके देखलो दुनिया ये फर्ज पे अपने अड़े रहे
ऐसे वीर सपूतों की ये अपनी भारत माता है
जो छोड़ के अपने परिवारों को माँ की रक्षा में लड़े रहे!
इनकी वीरता और बहादुरी के आओ किस्से तुम्हे बताएं
शत्रु इनको देख के भागे ऐसे वीर ये कहलाएं
चाहे चीन हो,चाहे बंगला या चाहे हो फिर पाकिस्तान
वीर सपूत भारत माता के कम नही होने देते शान
छोड़ दिये बीवी बच्चे,छोड़ दिया घर का भी मोह
देश के वीर सपूतों ने तिरँगा देश का लिया फिर ओढ़
छोड़ के अपनी जननी को वीर बहादुर बढे चले
चाहे चीनी,चाहे पाकिस्तानी वीर बहादुर नही लड़े
चाहे हिन्दू,चाहे मुस्लिम,चाहे हो अपने सिख भाई
देश के वीर सपूतों ने सबकी रक्षा की कसम है खाई
ये नही देश को झुकने देंगे,चाहे हो कितने ही युद्ध
सबसे ऊँचा रहे तिरँगा भक्ति देश की इनमें शुद्ध!
हरा, सफेद, नारंगी रँग से बनता देश का झंडा अपना
वायु,जल और थल सेना से मिलकर चलता देश ये अपना
खाकर सीने पर ये गोली देश के वीर कहलाते हैं
देखो अपने देश की खातिर हँसते-२ मर जाते हैं!
विश्व की सबसे भाग्यशाली माता भारत माता है!
वीर सपूत खड़े बॉर्डर पर जिनकी वो भाग्यविधाता है!
कोमल भलेश्वर

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