जिंंदगी एक सफर है
जन्म से लेकर मृत्यु तक की डगर है
जिसमे मुसाफिर भी हम ही है
इस सफर मे कभी अपने मिलेंगे
कुछ बेगाने मिलेंगे
अपना अपना किरदार निभाना है
कर्मठ होकर कर्म करते जाना है
इस सफर मे परेशानियों की रात भी होगी
गमो की बरसात भी होगी
खुशियो की सौगात होगी
कभी पथरीली होगी राहें
हौसलों से आगे बढते रहना
जिन्दगी चाहे जितना भी रूलाए
तुम मुस्कुराते हुए गले लगाना

शिल्पा मोदी✍️✍️