दिल मे उठते ख्यालो की वजह हो तुम,
ख्यालों के जज्बात जब उठते हैं दिल में,
भर जाति हैं आंखें इन आंसुओं में,
इन आंसुओं के दर्द की वजह हो तुम,
तन्हाईयों में याद आती है तुम्हारी,
उन यादों की बारात की बरसात हो तुम,
हुई ना मुलाकात कभी मेरी तुम्हारी,
इस अधूरे प्यार की वजह हो तुम,
क्या वजह थी जो बढ़ गई इतनी दूरियां,
कुछ तो कहां होता क्या थी मजबूरियां,
क्या है वो मजबूरियां क्यों हो गए तुम गुम,
इस अधूरे प्यार की वजह हो तुम,
क्या गहरी खता क्या वजह हो गई,
या कोई वजह बेवजह हो गई,
इन बातों को सोच कर रह जाती हूं गुमसुम,
इस अधूरे प्यार की वजह हो तुम,
सुबह शाम इंतजार करते हैं प्रतिदिन,
दुखता है दिल, बीत गए कितने रात दिन,
एक बार,दिल की आवाज सुन लो तुम,
इस अधूरे प्यार की वजह हो तुम,
संगीता वर्मा✍✍

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