मात्र 14 साल की थी काव्या जब उसे अपने पापा की नौकरी के ट्रांसफर की वजह से एक शहर से दूसरे शहर आना पड़ा पहले वह जयपुर में रहती थी और अब उसे अपने पिता की ट्रांसफर की वजह से दिल्ली में रहने आना पड़ा।।।
काव्या अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी उसके माता-पिता उसे बहुत प्यार करते थे शहर बदलने के साथ ही उसे स्कूल भी बदलना पड़ा तो उस स्कूल के सारे दोस्त भी वहीं छूट गए।।। उसे इस बात का दुख तो था लेकिन वह कुछ कर नहीं सकती थी उसे अब नए स्कूल जाना ही था।।।
काव्या एक मेधावी छात्र थी तो आसानी से उसका प्रवेश दिल्ली के एक बड़े प्राइवेट इंग्लिश मीडियम स्कूल में हो गया।।। काव्या कक्षा नौ की छात्रा थी..... बार-बार शहर और स्कूल बदले जाने की वजह से काव्या बहुत दुखी थी वह सोचती कि इस बार वह कोई मित्र ही नहीं बनाएगी तो उनके छूटने पर उसे कोई दुख भी नहीं होगा।।।।
लेकिन कई बार जैसा इंसान सोचता है वैसा होता नहीं है किस्मत को आपके लिए कुछ और ही मंजूर होता है और यह आपको पता नहीं होता....
काव्या हमेशा अकेले ही बैठती थी क्लास में और वह जल्दी किसी से बात भी नहीं करती थी सिर्फ अपने काम से काम और अपनी पढ़ाई से ही मतलब रखती थी।।।
उसी के क्लास में पढ़ने वाला साहिल नाम का एक लड़का हमेशा उसे अपनी सीट से बैठे-बैठे देखा करता था और वह उससे बात करने की भी कोशिश करता था किसी ना किसी बहाने से लेकिन काव्या बाकी सब की तरह उसे भी अनदेखा कर देती थी।।।
एक दिन काव्या लंच टाइम में अकेले अपनी सीट पर बैठकर लंच कर रही थी तभी अचानक साहिल उसके सामने वाली सीट पर आकर बैठ गया और उससे बोला- हाय मैं साहिल तुम ऐसे अकेले क्यों बैठी हो.....
काव्या बोली क्योंकि मुझे ऐसे ही रहना पसंद है.... तुम्हें कोई तकलीफ इस बात से???
साहिल ने पूछा लेकिन क्यों तुम फ्रेंड्स क्यों नहीं बनातीं मैं तुम्हें काफी दिन से नोटिस कर रहा हूं तुम न्यू हो ना इस स्कूल में....
हां काव्या ने बस इतना ही जवाब दिया और अपना लंच फिनिश करके लंचबॉक्स अपने बैग में रख लिया और पानी पीने लगी अपनी बाॅटल से।।।
उसके बाद साहिल की तरफ देख कर बोली क्यों नोटिस कर रहे हो तुम्हें और कोई काम नहीं है क्या???
साहिल ने जवाब दिया फ्रेंडशिप करनी है तुमसे???
काव्या ने कहा- मैंने कहा ना मुझे फ्रेंड नहीं बनाने....
साहिल ने कहा लेकिन क्यों नहीं बनाने कोई तो वजह होगी....
काव्या ने कहा- हां है एक वजह....
साहिल ने कहा हां तो मुझे बताओ.......
तभी लंच टाइम ओवर होने की बेल लग गई और काव्या ने साहिल से कहा तुम्हारे और कोई फ्रेंड नहीं है क्या जो मुझे ही फ्रेंड बनाना है।।।
साहिल ने कहा क्यों नहीं है बिल्कुल है लेकिन तुम मेरी स्पेशल वाली फ्रेंड बनोगी सबसे बेस्ट।।।
ओके अभी अपनी सीट पर वापस जाओ कल बताऊंगी तुम्हें वजह- काव्या ने साहिल से कहा
अच्छा ठीक है जा रहा हूं और इतना कहकर साहिल वापिस अपनी जगह पर आकर बैठ गया।।।
फिर अगले दिन जैसे ही लंच हुआ साहिल फिर से काव्या के सामने वाली सीट पर आकर बैठ गया और उससे बोला - अब बताओ.....
काव्या का उसकी बात का जवाब देने का बिल्कुल भी मन नहीं था वो लापरवाही से बोली- क्या बताऊं???
अच्छा तो इतनी जल्दी भूल गई कोई बात नहीं मैं फिर से याद दिला देता हूं कल तुमने कहा था ना कि तुम बताओगी कि तुम फ्रेंड्स क्यों नहीं बनाती।।। साहिल ने कहा
काव्या ने कहा अच्छा ठीक है आज से मैं और तुम फ्रेंड्स है ठीक अब मेरा दिमाग मत खाओ जाओ यहां से....
भले ही काव्या ने की बात अपना पीछा छुड़ाने के लिए कही थी लेकिन साहिल इस बात को सुनकर बहुत खुश हुआ और उसने काव्या से कहा ऐसे कैसे चला जाऊं अब तो हम दोनों फ्रेंड से ना तो आज से हम दोनों एक साथ ही बैठेंगे सेम बेंच पर ....... ऑल फ्रेंड्स एक दूसरे से सारी बातें शेयर करते हैं तो तुम भी मुझे यह बताओ कि कि तुम फ्रेंड क्यों नहीं बनाती ???
साहिल की बातों से काव्या को साहिल बहुत ही अच्छा और सीधा लड़का लगता था और वह उससे दोस्ती करना चाहता था तो काव्या भी ज्यादा दिनों तक उसे टाल नहीं पाई।।।
फिर काव्या ने साहिल को बताया कि अपने पापा की जॉब ट्रांसफर की वजह से शहर बदलते रहते हैं और उसके स्कूल्स भी तू जब स्कूल चेंज होते हैं तो पुराने फ्रेंड्स वही छूट जाते हैं और इस बात से काव्या को बहुत दुख होता था इसलिए इस बार उसने सोचा था कि वह कोई भी नए फ्रेंड्स नहीं बनाएगी लेकिन अब तो तुम बन गए मेरे फ्रेंड।।।।
काव्या कितनी स्टूपिड और सिली सी वजह सुनकर साहिल जोर-जोर से हंसने लगा और उससे बोला - पागल लड़की तो इस वजह से तुम फ्रेंड ही नहीं बनाओगी कभी और हमेशा के लिए रहोगी????
काव्या ने उसके हंसने पर थोड़ा मुंह बनाते हुए कहा तो इसमें हंसने वाली कौन सी बात है नहीं बनाऊंगी मैं फ्रेंड्स लेकिन तुम तो बन गए जबरदस्ती पीछे पड़ कर....
हां तो हम दोनों हमेशा साथ रहेंगे चाहे तुम जहां भी जाओ तुम्हारे पीछे-पीछे आ जाऊंगा थोड़ा मजाक करते हुए साहिल ने कहा जिससे कि काव्या का मूड अच्छा हो जाए।।।
उसकी बात सुनकर काव्या बोली अच्छा कैसे तुम हमेशा मेरे साथ कैसे रहोगे....
तुम्हारे दिल में रहूंगा ना पागल..... साहिल ने कहा
और उसकी इस बात पर दोनों जोर जोर से हंसने लगे एक दूसरे को देख कर....
उसके बाद से साहिल और काव्या स्कूल टाइम में हमेशा एक दूसरे के साथ रहते साथ ही बैठे साथ ही पढ़ाई करते हो और साथ ही लंच करते....
वह दोनों एक दूसरे के बहुत ही अच्छे दोस्त बन चुके थे या दोस्त से भी कुछ ज्यादा थे इस उम्र में तो अक्सर ऐसा होता ही है जिसके साथ हम हमेशा रहने लगते हैं और बहुत ज्यादा समय बिताते हैं वह हमें अच्छा लगने लगता है।।।
उन दोनों की साथ भी कुछ ऐसा ही हो रहा था लेकिन वह दोनों ही इस बात से अनजान थे लेकिन अब वह दोनों एक दूसरे से अलग होने की बात कभी सोच भी नहीं सकते थे।।।
ऐसे ही 1 साल बीत गया और अब वह दोनों ही हाई स्कूल में थे और अपने एग्जाम्स की तैयारी में लगे हुए थे और वह दोनों साथ ही पढ़ाई भी करते थे और कोचिंग भी साथ ही जाते थे 1 दिन पूछे जब वह दोनों साथ घर लौट रहे थे तभी साहिल में काव्या का हाथ पकड़ कर उससे बोला आई लव यू काव्या.... मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूं।।।
काव्या भी मन ही मन उसे पसंद करती थी लेकिन उसने ऐसा कभी नहीं सोचा था कि साहिल कभी ऐसे अचानक ही उससे आई लव यू बोल देगा अचानक से सुनकर वह एकदम आश्चर्यचकित रह गई और साहिल के हाथ से अपना हाथ छुड़ा कर अपने घर की तरफ भाग आई।।।
साहिल को यहां सब बहुत अजीब लगा और वह सोचने लगा कि कहीं उसने यह बोलकर गलती तो नहीं कर दी शायद काव्या उससे प्यार नहीं करती तभी उसने ऐसा रिएक्ट किया।।।।
उसके बाद काव्या 2 दिन तक स्कूल कोचिंग कहीं भी घर से बाहर नहीं गई तो साहिल को उसकी फिक्र हुई उससे मिलने उसके घर भी गया लेकिन काव्या अपने रूम से ही बाहर नहीं
आई।।। साहिल वापिस अपने घर चला गया।।।
2 दिन के बाद काव्या जब स्कूल गई तो साहिल उसे देखकर बहुत खुश हुआ और उसके सामने जाकर बोला आई एम सॉरी यार अगर तू मुझसे प्यार नहीं करती तो कोई बात नहीं हम फिर भी अच्छे दोस्त रहेंगे हमेशा मेरे मन में जो था मैंने तुझे बता दिया बाकी आगे तेरी मर्जी....
साहिल बिना कुछ काव्या को बोलने का मौका दिए बोले ही जा रहा था सभी काव्या ने अपनी उंगली उसके होठों पर रख दी जिससे वह चुप हो गया और काव्या बोली आई लव यू टू साहिल मैं भी तुझसे प्यार करती हूं पागल.... बस थोड़ी सी शब्द हो गई थी तेरे ऐसे अचानक प्रपोजल से....
यह सुनकर साहिल को बहुत ही ज्यादा खुशी हुई और एक्साइटमेंट में उसने वहीं स्कूल में ही काव्या को हग कर लिया काव्या उसे खुद से दूर करते हुए बोली क्या कर रहा है सब देख रहे हैं स्कूल है यह....
तुमने बहुत ज्यादा ही कुछ खुश हो गया था तेरे मुंह से भी आई लव यू टू सुनके नहीं तो उस दिन जिस तरह तू भागी थी मुझे तो लगा कि तू मुझसे नाराज हो गई है।।।
लेकिन 14 15 साल की इस कच्ची उम्र में लड़के लड़कियां जिसे अक्सर प्यार समझने की गलती कर देते हैं कई बार वह प्यार नहीं होता सिर्फ आकर्षण होता है या साथ रहते हमें एक दूसरे की आदत लग जाती है और उनकी इस कच्ची उम्र में यह समझना उनके लिए बहुत ही मुश्किल होता है।।।
उस दिन से वह दोनों और ज्यादा एक दूसरे के साथ रहने लगी और एक साथ अपने भविष्य के सपने भी सजाने लगे इसी बीच उन दोनों के हाई स्कूल बोर्ड एग्जाम शुरु हो गए वह दोनों एक दूसरे से वादा करती थी कि हमेशा ही साथ रहेंगे और एक दूसरे से ही शादी करेंगे।।।
एग्जाम्स के बाद के स्टडी कोर्स फ्यूचर प्लान सब कुछ होने एक साथ ही बनाए थे लेकिन एग्जाम खत्म होते होते ही काव्या के पापा का ट्रांसफर दिल्ली से बेंगलुरु हो गया यह बात जब काव्या को पता चली तो वह अकेले में बहुत रोए और जब उसने साहिल को यह बात बताई तो वह भी बहुत दुखी हुआ।।।
अभी काव्या ने उससे खुश करने की कोशिश करते हुए कहा तूने तो कहा था ना तू हमेशा मेरे साथ रहेगा मेरे दिल में तो मैं कहां तुझसे दूर जा रही हूं....
उनकी आखिरी मुलाकात के एक हफ्ते बाद ही काव्या अपने माता-पिता के साथ बेंगलुरु आ गई और साहिल से उसका संपर्क भी ना रहा साहिल और उससे जुड़ी यादों को दिल्ली में ही छोड़कर वह चली गई।।।
और साहिल उसकी यादों की साथ यहीं दिल्ली में रह गया।।।
और उन दोनों का वह नादान इश्क अधूरा ही रह गया।।।
समाप्त।।।।
सिमरन......

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