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दुनिया के सभी तोहफे में वक्त अनमोल है,

यह वक्त नहीं तो कुछ नहीं फिर किसका मोल है,

गौर से जरा देखिए,कभी आईने में इस कदर---

क्या थे पहले हम कभी और क्या से क्या हो गए,

वक्त की नजाकत है यही  समझ जाइए,

जो वक्त आज पास है नही इसे गवाईए,

क्यों भागते हैं इस कदर दुनिया की भीड़ में---

स्वयं को खो दिया है स्वयं को पहचानिए,

जिंदगी अनमोल है लुत्फ उठाइए,

ना किसी का दिल दुखे ना ही अपना दिखाइए,

गुजर रहा है लम्हा इस कदर बेहिसाब है,

जितनी है आवश्यकता उतना  कमाइए,

माना कि धन दौलत व्यापार जरूरी है; 

और इससे ज्यादा परिवार जरूरी है,

मान और सम्मान भी कमाइए,

थोड़ा सा स्वयं पर भी, ध्यान लगाइए,

एक दिन हो जाएंगी जिम्मेदारियां पूरी, 

माना की जिम्मेदारियां,निभाना भी है मुमकिन,

एक दिन खुदा के पास भी जाना है मुमकिन,

धन दौलत व्यापार यहीं रह जाएंगे,

खाली हाथ आए थे खाली ही जाएंगे,

जीवन की इन राहों में, वक्त का मोल है,

यह जिंदगी बड़ी ही अनमोल है,

तोहफे न दीजिए वक्त दीजिए,

अपनों पर थोड़ा सा एहसान कीजिए,

वक्त निकल जाता है वापस नहीं आता है,

तोहफा टूट जाने से फिर खरीदा जाता है,

वक्त बेशकीमती है ना गवाई ,


मान जाइए मान जाइए,

संगीता वर्मा✍✍