पापा बार-बार फोन मत कीजिए आपने हम लोगों की इज्जत में कितने चार चांद लगाई है सबको पता है गांव में आपकी लोग कितनी थू थू कर रहे हैं मुझे मेरा दोस्त फोन करके बता रहा था तेरे पिताजी क्या पगला गए हैं जो इस उम्र में बहू की उम्र की पत्नी लाए हैं क्या 65 की उम्र भीशादी करने की उम्र होती है। मैं शर्म के मारे काम का बहाना करके फोन काट दिया आपने तो मां का भी ध्यान नहीं रखा उनकी आत्मा पर क्या गुजर रही होगी। मां को मरे हुए इतने साल हो गए जब हम लोग छोटे थे तब मां हम लोगों को छोड़कर दुनिया जा चुकी थी आपने कितने लाड प्यार से पाला कभी मां की कमी खल्ले नहीं दिया पर जब आप की पाव कब्र मे है तब आपको शादी करने की सूझी। अरे बेटा मेरी बात तो सुनो तुम तो बस अपनी बोले जा रहे हो तुम नईमम्मी से मिल लो तुम्हें कभी महसूस नहीं होगा कि वह बहुत बुरी है वह बहुत दिल की अच्छी है यह सुनकर राहुल का दिमाग शून्य हो गया फोन पर ही दहाड़े मार कर रोने लगा पापा मैं बहुत जल्दी ही आ रहा हूं अभी फ्लाइट बुक करवा के नेपाल से दिल्ली ज्यादा दूर नहीं है अभी मैं पहुंचता हूं आपकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है किसी अच्छे डॉक्टर को दिखा कर आप जल्दी से ठीक हो जाएगा घबराइए नहीं मैं आपके साथ हूं। यह कह कर फोन काट दिया। आरती फोन पर सब बातें सुन रहे थी राहुल पिताजी को तो शर्म है नहीं क्या तुम भी पगला गए हो अब क्या तुम दिल्ली जाओगे। तुम्हें साथ चलना है तो चलो नहीं तो मैं अकेले जा रहा हूं पिताजी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है मुझे अकेले छोड़ना ही नहीं चाहिए था। पिछले बार पिताजी आए थे तो तुमने कितने नाटक किए थे आरती गुस्से से लाल पीले हो गए और उसने कहा तुम्हें तो बस पिताजी के बारे में सोचते हो कभी मेरे बारे में सोचा है मैं खुश हूं या दुखी पिताजी आते हैं तो कहते हैं गरम खाना चाहिए मालिश कर दो अब मैंबच्चों को संभालते संभालते थक जाती हूं मुझे भी आराम चाहिए मुझे क्यों भला बुरा सुना रहे हो मुझे क्या पता था तुम्हारे पिताजी भी इस उम्र में रंगीन निकलेंगे। यह कह कर आरती कुटिल मुस्कान मुस्कुराने लगे। राहुल के कलेजे पर सांप लोटने लगा अब मेरा दिमाग खराब मत करो मैं जा रहा हूं पिताजी के पास तुम अपने बच्चे का ध्यान रखना मैं कुछ दिन बाद लौट आऊंगा यह कह कर ब्रीफकेस लेकर घर से रोड पर आ गया। मैं राहुल की आंखों में आंसू थे पिताजी की हालतों के पीछे उसे अपनी गलती भी नजर आ रही थी उसे अपना बचपना याद आ रहा था मां के मरने के बाद कितनी कष्टों के बाद पिताजी ने पुलिस की नौकरी करते हुए दीदी और मुझे कैसे संभाला उसे समझ में आ रहा था एक पुरुष को नौकरी करते हुए घर संभालना कितना मुश्किल होता है वह भी छोटे-छोटे बच्चों को संभालते हुए पिताजी कभी दुखी नहीं हुए कभी हताश भी हुए तो उनकी आंखों मे आंसू छलक जाते पर आंख से नीचे कभी नहीं टपकते। कुछ ही देर में टैक्सी आकर रुकी ड्राइवर को कहा एयरपोर्ट पर ले चलो अभी 2 घंटे में फ्लाइट है हमारी। टैक्सी में बैठते हुए उसके मन में उथल-पुथल मचा हुआ था उसे कभी गुस्सा आता कभी रोना कभी उस महिला पर गुस्सा आता जो उसकी हम उम्र की थी। वह उस महिलाओं को बार बार कोस रहा था हे भगवान उसके मुंह में कीड़े पड़े पिताजी पुलिस की नौकरी में हैं रिटायरमेंट के बाद पैसे मिले और पेंशन भी है गांव में हम लोग का कितना नाम है गांव में सबसे धनीहम ही लोग कहलाते हैं। जरूर उस महिला ने पापा के ऊपर जादू टोना किया होगा नहीं तो पूरी जवानी कभी पिताजी के बारे में गलत शब्द नहीं सुना गांव में भी उनको लोग सराहना करते थे मैं जाऊंगा तो उस महिला को घर से बाहर निकाल दूंगा लुटेरी दुल्हन मेरे पिताजी को जादू टोना करके फंसा लिया है।ड्राइवर की आवाज सुनकर उसका ध्यान टूटा सर कब से कह रहा हूं एयरपोर्ट पर आ गए उतर जाइए आप पता नहीं किस ख्याल में डूबे हुए हैं। राहुल ने पर्स से पैसा निकाल कर ड्राइवर को दिया और कहां ठीक है धन्यवाद छोड़ने के लिए यार बहुत टेंशन में हूं माफ करना तुम्हारी आवाज नहीं सुनाई पड़ी। फ्लाइट कुछ देर में आ गए वह बैठ गया और अपने ख्यालों में डूबा उसे कभी पापा की याद आती मम्मी दीदी कीयाद बहुत ही आ रही थी। वह मन ही मन सोच रहा था दीदी को यह खबर है कि नहीं मैं किस मुंह से बताऊं मुझे तो बहुत शर्म आ रही है तभी दीदी का फोन आया देखकर 32 मिस कॉल घबरा गया लगता है दीदी को भी खबर हो गई है। एयरपोर्ट से उतरने के बाद टैक्सी दिल्ली के रोड पर चलने लगी कुछ ही देर में टैक्सी ग्रेटर नोएडा अपने फ्लैट के पास रुका ड्राइवर ने कहा सर आप बहुत उदास लग रहे हैं पता भी ठीक से नहीं बता रहे हैं कितने साल हो गए घर आए हुए। राहुल ने पैसे दिए और आगे बढ़ गया लिफ्ट में उसे लग रहा था पिताजी को प्रणाम करूं या ना करूं दरवाजे का डोर बेल आवाज सुनकर एक जींस टीशर्ट पहनी हुई महिला जो दुबली पतली लड़की जैसे लग रही थी दरवाजा खोला आप कौन हैं यह सुनकर राहुल सक पकाया और कहां मिस्टर अविनाश जी का यही फ्लैट है ना हां हां यही है आ जाइए आ जाइए कहां है मिस्टर अविनाश जी आराम कर रहे हैं थोड़ी तबीयत ठीक नहीं है बीपी ज्यादा बढ़ गया है वैसे आपका परिचय मैं उनकी धर्मपत्नी हूं नेहा। राहुल ने तिरछी नजर से देखते हुए कहा नेहा ने मुस्कुराते हुए कहा आप बैठिए मैं चाय बना कर लाती हूं कुछ ही देर में पिताजी चारपाई पर से उठते हुए कमरे में आए और कहां बहुत जल्दी मिलने आए कभी खबर लिए मेरा मैं ठीक हूं बीमार हूं कैसा हूं मैं जब भी फोन करता था कहते थे व्यस्त हूं। मुझे तो फोन पर भला बुरा सुना रहे थे पर कभी सोचा रिटायरमेंट के बाद मुझे भी एक जीवनसंगिनी चाहिए जो मुझे दुख सुख में साथ दें तुम लोगों को तो पाल पोस कर बड़ा कर दिया पढ़ लिख कर अब तुम लोग इतने बड़े आदमी हो गए हो तुम लोगों को कभी फुर्सत ही नहीं मिलते कल बंदना भी आए थी कह रही थी पिताजी आपने सोसाइटी में नाक कटवा कर रख दिया है तुम लोग का तो यही प्रवचन सुनते सुनते मैं बोर हो गया हूं। राहुल ने गुस्से से कहा हां पिताजी हम लोग के भी गलती है पर इस उम्र में शादी करना सही है क्या वह भी बेटे बहू की उम्र की। पिताजी ने कहा नेहा ने मेरी खूब सेवा की मुझे जब हार्ड अटैक आया था तब डॉक्टर के पास यही ले गई थी तुम लोग तो कभी खबर भी नहीं लेते। पिताजी आपको क्या पैसे की कमी थी आप नौकर चाकर लगा लेते आपको क्या इस उम्र में शोभा देती हैं बेटा तुम्हें तो बस समाज सोसाइटी गांव घर की पड़ी है लोग क्या कहेंगे मेरे बारे में तो कभी नहीं पूछा आपको क्या जरूरत है पिछले सा तुम्हारे यहां गया था बहू का रवैया देखकर दोबारा जाने का मन नहीं किया बेटी भी 4 साल पर आती है 8 दिनों के लिए और तू कितने साल बाद आया है 5 साल हो गए तुझे भी आए हुए। तुझे अच्छा लगे या बुरा मैंने जो फैसला लिया अपनी सोच से मैंने अच्छा फैसला लिया है। मैं लोगों की परवाह नहीं करता लोग क्या कहेंगे समाज सोसाइटी बाले जो सोचते हैं सोचे। मुझे एक इस उम्र में जीवनसंगिनी की जरूरत थी मैंने जो किया अच्छा किया। यह कहकर पिताजी चुप हो गए।…....
सपना कुमारी
बिहार पटना

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