किस्मत का ताला ऐसे नहीं खुलता
मेहनत और लग्न की चाभी घूमा कर है खुलता
न कर हाथो की लकीरों पर भरोसा
मेहनत करने से ही बनती बिगड़ती है किस्मत
तंज कसे जमाना तो कसने देना
बधिर बनकर धीरे धीरे कदम बढाना
हौंसला को मजबूत करके बढ़ते जाना
मंजिल की राह पथ पर अग्रसर बढ़ते जाना
जीवन मे मुश्किलें भी आएगी
थकावट भी होगी झुंँझलाहट भी होगी
बिना उकताहट के बिना घबराहट के
कर्म पथ पर से अपना ध्यान ना भटकाना
कर्म और मेहनत से खुलते हैं बंँद किस्मत के ताले
अपनी किस्मत की चाभी तुम्हे स्वयं ही है खोलना
शिल्पा मोदी✍️✍️

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