दिल्ली
 की फ्लाइट लेट थी हीरा बैठे इंतजार कर रही थी एक बड़ा सा चश्मा लगा कर शायद अपनी आंखों की उदासी छुपा रहे थे या पहचान।
हीरा! हीरा है ना  आप! जो एड्स  में आती है टीवी पर,आवाज ने हीरा का ध्यान भंग किया ःः सामने लड़की खड़ी थी जो उसे देखकर बहुत चहक रही थी।
सच में हीरा है ना आप? चश्मा हटायें ना, मुझे देखना है आपको अपनेपन की एक जिद के भाव से उसने कहाः

चश्मा हटा,हीरा मुस्कुराई यार ! कहा कि हां देख लो वही हूं मैं।

लड़की ने कहाः हेलो! मैं मेघा।

मुंबई घूम कर आई हूं पूरे 5 दिन तो मुझे आप वहाँ नहीं मिली  और वापस दिल्ली जाते वक्त क्या पता था यहां मिल जाएंगे और प्लीज एक सेल्फी...

और कुछ ही देर में हीरा और मेघा की दोस्ती हो गई दोनों ने खूब बातें की लेकिन सारी बातें मेघा की तरफ से थी
उसने अपना पूरा परिचय दे दिया। अब वह हीरा को बार-बार पूछ रही थी अपने बारे में कुछ बताइए ना दिल्ली शूटिंग के लिए जा रही है?

हीरा ने कहा नहीं हमेशा के लिए और फिर दिल्ली तो मेरा घर है वहीं से तो हूं मैंःःःः
मुंबई तो मेरी कर्म भूमि थी।
थी। मतलब क्या मेघा ने पूछा?

ओहो! बहुत स्मार्ट है आप; तो पकड़ लिया आपने मुझे हीरा ने मुस्कुराते हुए कहाःःःःःः
हीरा मन में सोचने लगी अच्छा है यह बार-बार पूछ रही है मेरे अंदर भी गुबार भरा पड़ा है; फिर न जाने कब मुलाकात हो और कौन सा मेरे रिश्तेदार है जो फैला देगी और वैसे भी अब मुझे कुछ फर्क नहीं पड़ता फैलाए तो फैलाई बता ही देती हूंःःःःःःः

हीरा जी कहां खो गए बताइए अपने बारे में मुझे जानना हैःःःःःःःः

हीरा ने कहा शादी से शुरू करती हूं तो जानते हो मेरी अरेंज मैरिज है और मेरे पति इतने अच्छे हैं कि मैं तुम्हें शब्दों में बयान नहीं कर सकती शादी के बाद मेरे मुंह से निकले हर एक बात उनके लिए पत्थर की लकीर हो जाती थी मैंने कुछ मांग लिया तो वह जमीन आसमान
एक कर देते थे । हंसी खुशी में हमारा 1 साल बीत गया मैं छोटे बच्चों को ड्राइंग पढ़ाती थी। शादी से पहले से ही और मैं हमेशा से एक्टिंग करना चाहती थी और मैंने एक दिन अपने पति को बोला कि मुझे ना यह एडवरटाइजमेंट लिखने का बड़ा शौक है देखो मैंने हीरे के लिए लिखी है टूथपेस्ट के लिए लिखि,क्या बकवास लिखते हैं आजकल ःःः  लेकिन ना मैं अब एडवर्टाइजमेंट में खुद ही काम करना चाहूंगी जिस भाव से मैंने लिखी है ना मैं दूसरे पर कैसे भरोसा करूं ःःःतू ऐसे ही एक्टिंग करेगी अरुण ने कहा, कहा अरे तुमने कभी बताया नहीं इस बारे में।
 मैंने कहा कैसे बताती जानते हो ना हम  कैसी मिडिल फैमिली वाले हैं,हम तो सपने के सपने में भी फिल्मों में काम करने की नहीं सोच सकते, हां  ये तो है ःःःऐसा कुछ नहीं है आजकल तो सब कुछ इतना फैल गया है यह और मन से अगर काम करो तो बुरा क्या है, अगर तुम ऐड में काम करना चाहते तो उसमें कोई बुराई नहीं है ।
मैंने कहा हां बहुत छोटी-छोटी विज्ञापन होती है, आप लगा लो कितना मजा आएगा हर बार मुझे अलग किरदार निभाने को मिलेंगे तब मिलेगा एक छोटी सी। एड पूरी कहानी बयान कर देती है........।।।।।।।।।।।

बस कुछ  देर की इस बातचीत में उन पर गहरा असर छोड़ा और उन्होंने तो तलाश करना शुरू कर दिया कि कोई जानकार मिल जाए जो मुझे प्रमोट करें और इस चक्कर में उन्होंने कई बार कहीं आलतू फालतू  एजेंसियों में पैसे भरे और आगे भी गए मैं कई बार मना भी करती मानते नहीं लेकिन 6 महीने की मेहनत रंग लाई और एक दोस्त है जो मुंबई में हो रहा है तो उससे बात हो गई है तुम लिखोगे भी और एक्टिंग करोगी वह भी है बनाये गा और एक्टिंग भी करेगा लेकिन उसके लिए हमें मुंबई शिफ्ट होना पड़ेगाःःःःःःःःःःः

मैं  खुशी से  उछल पड़ी ,गले लग गई ,उनको किस  पर किस किए,, पर फिर थोड़ी देर में सोचा अरे नहीं मेरी आपकी नौकरी है आपकी जॉब इन सब का क्या होगा
तुम चिंता मत करो तुम्हें तो नौकरी वैसे भी छोड़नी है और मैंने बात कर ली है मुंबई में भी तो हमारा हेड ऑफिस है वहां ज्वाइन कर लूंगा ःःःःअरुण ने पूरे विश्वास के साथ कहा ।

इस तरह से मैं मुंबई आकर बस गई जब पहली
एड की शूटिंग चल रही थी तो वही मुझे एडवांस में दो एडवर्टाइजमेंट के आफर मिल गए वह कहते हैं ना पहला काम आपको भले ही सिफारिश से मिले लेकिन अगला काम हमेशा आपको अपनी काबिलियत पर ही मिलता है। हीरा ने कहा मेघा इस बात को मेरा घमंड के रूप में मत लेना। मेघा ने कहा नहीं नहीं मैं तो जानती हूं आप कितनी टैलेंटेड तभी तो इतनी फेमस है हर दूसरी एड में हम आपका ही चेहरा देखते हैं कितनी अच्छी एक्टिंग करते हैं ,हम तो चाहते हैं कि आप फिल्मों में काम करे।।

हीरा ने बताया कि मेरे पति अरुण ,शेखर के साथ टाइम
बिता रहे थे दोनों अच्छे दोस्त थे और मेरी और शेखर की जोड़ी भी एडवर्टाइजमेंट में हिट थी, सारी खुशियां हमें मिल गई थी घर वाले भी खुश थे जो कि पहले हमारे फैसले से बहुत नाराज थे और मुंबई में लगभग हमें अपना लिया था हमारी शादी को 3 साल हो गए थे सब कुछ अच्छे से चल रहा था अब हम फैमिली प्लानिंग करने की सोचने लगे तो

लेकिन शेखर ने कहा कि अभी तो करियर चला है और अभी से तुम ब्रेक ले लोगी देखो तुम्हारी जगह लेने के लिए तो हजारों लड़कियां तैयार हैं थोड़ा रुक जाओ। फिर बात जच गई हमें भी।

अब कुछ बड़ी एजेंसियां अपनी एडवर्टाइजमेंट रियल लोकेशन पर शूट करवाती हैं तो उसी सिलसिले में हमें घर से बाहर जाना था अरुण भी हमारे साथ में शेखर ,मैं तीनों गए और वहां दो कमरे हमने लिए तो प्रोफेशनली बहुत सारी ऐसी बातें थी  जो मुझे शेखर के साथ करनी होती हैं
तो जब भी हमें इस तरह के ट्रिप पर जाते हैं ना तो मेरी अपने पति से कम और शेखर से बातें ज्यादा होती है और यह जरूरी भी है 
 वह काली रात भी कुछ ऐसे ही थी अगले दिन शूटिंग थी बहुत बड़ा चेंज आ गया जिसको लेकर हम दोनों में से एक मीटिंग हुई और मैं शेखर के साथ उसके कमरे पर बैठे बात कर रही थी सामने बैठे थे पूरे दिन की शूटिंग से थकी हुई और बातें करते-करते मुझे नहीं पता मेरी आंख लग गई मैं सो गई सुबह 5:00 बजे उठकर देखा तो
अरुण थे जिन्होंने मुझे जगाया फिर मैं अपने कमरे में आ गई शेखर अभी भी गहरी नींद में सोया हुआ था लेकिन 7:00 बजे जब मैं शूटिंग के लिए निकली तो शेखर भी था और हम सब ने मिलकर अपना काम अच्छे से पूरा किया और हंसी खुशी घर लौट आए लेकिन इसके बाद अरुण का मेरे प्रति व्यवहार बदल गया चीखता चिल्लाता रहा
छोटी-छोटी बातों पर ना जाने कब उसे गुस्सा आ जाता है

थोड़ा-थोड़ा समझ तो मैं भी गई थी पर जब तक वह सामने से ना बोले तो मैं इस बात को उठाना नहीं चाह रहे थे
हमें उसकी साइड से सोचती तो समझती भी थी कि मुझसे प्यार करता है इसके अंदर यह थोड़ी ईर्ष्या है और कुछ नहीं

जब भी मैं कुछ कहने की सोचती दलीले देती तो और ज्यादा बात बढ़ जाती है हर बार लड़ाई का अंत बहुत भयानक होता जा रहा था

क्योंकि अरुण ने  अपनी आंखों पर शक का चश्मा लगा लिया था अब वह उसी नजर से मेरे और शेखर के रिश्ते को देख रहा था और ऐसे ही पॉइंट ढूंढ रहा था तो उसे कोई नहीं समझा सकता था। मैंने भी उसको बहुत समझाने की कोशिश की जब उसने मुझे एक दिन कहा कि तुम रात को उसके कमरे में सो गई इससे ज्यादा घटिया काम और क्या होगा मैंने कहा कि देखिए मान लिया मुझसे गलती हो गई लेकिन ऐसा हमने कुछ किया नहीं और शेखर और मेरे  बीच में ऐसा कोई संबंध नहीं है ,मेरे पास शब्द नहीं होते थे कि मैं अपनी सफाई दे सकूं और शेखर के पास उस वक्त जमीर नहीं था वह समझ  नहीं  थी, सफलताओं के बाद शायद मेरी यही कहानी होनी थी, गोसिप  बहुत उड़ रहे थे अखबारों में,फिल्मी पत्रिका में  हमारे बारे में हर रोज कुछ ना कुछ छपता ।उसी को उठा उठा कर शेखर मुझे दिखा कर ताने मारता कभी शूटिंग पर लोगों की बातें सुन लेता के देखना अब यह दोनों शादी करेंगे रियल कपल हो जाएंगे ।।मैंने उसको बहुत समझाया की चकाचौंध जिंदगी है  एक तरफ अगर  सफलता है तो दूसरी तरफ बदनामी है। एक सिक्के के दो पहलू हैं, मुझे यह समझ में आ चुका है तुम भी समझ लो इन चीजों की आदत डाल लो और किसी भी हाल में मुझसे अपना विश्वास मत टूटने दो। मैं भी तो तुम पर कितना भरोसा करती हूं क्या कभी मैं फोन करकेपूछती हूं तुम कहां हो किससे बात कर रहे हो जब ऑफिस की तरफ से दो-दो रात तक बाहर जाते होःःःःःः बस इस बात को मैं उसे समझाने के लिए कह रही थी लेकिन उसने उल्टा ले लिया। कि अच्छा तो अब तुम मुझ पर शक करोगी मुझे बताओगीःःःःःःःःः क्या बताऊं  कई दिनों तक बातचीत नहीं होती। नौकर खाना बनाकर रख जाते हैं हम अपने अपने काम पर चले जाते हैं घर आकर अलग-अलग कमरे में सो जाते  जब कोई बाहर से आता ,कहीं पार्टी में जाते ठीक रहता हम साथ रह  लेतेःःःः फिर अचानक का कोई फोन आ जाना कभी कुछ बस किसी भी बात का कोई भी पहलू पकड़कर अरुण फिर उसी दुनिया में चला जाता और अब मैं भी खूब चीखते चिल्लाते उसकी बातों का जवाब देती ऐसा करते करते हमें पूरा एक साल हो गया लेकिन इसी बात पर हम अटके हुए थे को थोड़ा ठीक होता 15 दिन फिर बात आ जाती ।कभी हफ्ता निकलता कभी दिन
कभी महीना भी अच्छा निकल जाता ।  मैं तंग आ चुकी थी तो लेकिन हमारी एनिवर्सरी थी ,मुझे लगा सब ठीक हो जाएगा सर प्राइस प्लान करती हूँ  फोन पर आइडिया निकालें केक बनाने की विधि निकाली मैंने रात भर जाग कर दबे पांव चुपचाप अपने कमरे की सजावट की केक बनाया
 सुबह
 मैं अरुण के सामने उसका एक गिफ्ट विदेशी परफ्यूम मैंने मंगवाया था , दूसरे हाथ में केक लेकर मुस्कुराते हुए
हैप्पी वेडिंग एनिवर्सरी जान🎂💐
आज पूरे 5 साल हम दोनों को साथ हो गए हैं जैसे कल ही की बात हो

अभी मेरा मैसेज पूरा भी नहीं हुआ था कि अरुण ने बिना मुझसे नजरें मिलाई देखते हुए कहा कल तो पूरी रात मस्ती की है अपने आशिक के साथ हमें भी बता दो क्या-क्या बात की और दो चार उसने ऐसे शब्द इस्तेमाल किए पता नहीं मुझे क्या हो गया अंदर से इतना 
  गुस्सा और एक बार निकला कि मैंने केक सीधा उनके मुंह की तरफ फेंका और वह बोतल फर्श पर और चिल्ला कर कहा ःःःजो मेरे मन में आया वह बोतल टूट गई उसकी खुशबू पूरे कमरे में फैल गई पर अंदर सड़े हुए रिश्ते की गंध थी दुर्गंध मुझे केवल वह महसूस ......
इतना कहते-कहते हीरा रोने लगी मेघा ने उसे गले लगाया

हीरा ने कहा बस मुंबई टू दिल्ली की फ्लाइट पकड़ी और आ गई हमेशा के लिए,
कभी-कभी हमारे रिश्ते घड़ी के उस दोलन की तरह होते हैं जो दोनों तरफ अति करके घूमता हुआ आता है पहले वह एक तरफ जाता है जहां उसके होती है वो आगे नहीं बढ़ पाता तो फिर वह दूसरी तरफ भी इतनी दूर तक जाता है ।प्रेम था तो उसकी भी अति और क्रोध की भी।

वंदना शर्मा