जानती हूँ मैं तुम हो मृत्यु के भगवान
सिवा तुम्हारे भोले हम सबसे है अंजान!

नही माँगती धन और दौलत
ना चाहूँ झूठी शान!
जब जाऊँ इस दुनिया से 
तब चलना साथ मेरे भगवान!
जानती हूँ मैं तुम हो मृत्यु के भगवान!

नही माँगती बसेरा स्वर्ग का
ना ही माँगू जन्म मैं दूजा
बस साथ मुझे ले जाकर
रखना साथ मुझे भगवान!
जानती हूँ मैं तुम हो मृत्यु के भगवान!

जीते-जी तुम्हे पा ना पाई
देखो मृत्यु सन्देशा लाई
झूम उठी खुशियों से मैं
अब श्मशान में होगी तुमसे पहचान!

जानती हूँ मैं तुम हो मृत्यु के भगवान!
सिवा तुम्हारे भोले हम सबसे है अंजान!


कोमल भलेश्वर
यमुना नगर, हरियाणा