जो हमने पुकारा तो तुम रुक नही पाओगे
हमारी एक आवाज पर दौड़ते आ जाओगे
जानती हूँ मैं तड़पते हो तुम भी मेरे बिन
लेकिन कभी होठों से अपने कुछ कह नही पाओगे!

जब हमारी बात पर चुपके से तुम मुस्काते हो
बिन कहे हमारा हर इशारा इशारा समझ तुम जाते हो
जानती हूँ मैं प्यार करते हो तुम भी मुझसे
लेकिन कभी दिल के राज बता नही पाओगे!

मेरी ही पसंद का जब नीला रँग पहन कर आते हो
तिरछी-२ नजरों से बस मुझको ढूँढ़ते रहते हो
जानती हूँ मैं करना चाहते हो बात मुझसे
लेकिन कभी दिल की बात कह नही पाओगे!

एक बार तुम भी तो करीब आओ
अपनी हर दिल की बात मुझे बताओ
हमेशा मैं ही क्यों कहूँ दिल की बातें
तड़पते हो तुम भी थोड़ा हक तो जताओ!


कोमल भलेश्वर
यमुना नगर हरियाणा