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डम डम डम डमरू बाजे 
नाचे भोला संग नंदी नाचे 
नाचे गण , नाचे गजानन 
संग नाचे , नाचे षडानन 
संग नाचे , नाचे षडानन
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फूल बरसाओ सुगंध महकाओ 
रुनझुन झांझर,ढोल,मृदंग बजाओ 
सब स्वर मिल हो, गुनगुनाओ 
सब स्वर मिल हो, गुनगुनाओ
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रंग,भंग ,गंग संग मिल खेलें 
पिचकारी की धार ले ले  
रंगों की फुहार , गजराज लेके 
रंगों की फुहार ,गजराज लेके
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कितना सुंदर दिवस है आया 
कैलाश पर हर रंग है छाया 
खुशबू ने चंदन की नागेश 
को भी खूब नचाया 
मन हरषाया , मन हरषाया 
मन हरषाया , मन हरषाया
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रंगों से सुशोभित करने हो 
आई देवियां,आए देवगण 
हर्षित होकर एक दूजे पे हो 
रंग लगाए सब देवगण
रंग लगाए सब देवगण 
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अति सुंदर मनभावन 
नयनाभिराम है ये पल 
बलिहारी जाऊं, मनवारी जाऊं 
मैं तो उन पर, हो उन पर 
ऐसो है ये दल 
ऐसो है ये दल 
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डम डम डम डमरू बाजे 
नाचे भोला संग नंदी नाचे 
नाचे गण, नाचे गजानन 
संग नाचे ,नाचे षडानन 
संग नाचे ,नाचे षडानन 
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          राजेश्वरी ठाकुर 
             छत्तीसगढ़