अपर्णा है जिसका नाम पाया
जिसने तेज़ दिमाग
Love की गुरु बहुत है ज्ञान
दोस्तों ने भी दिया है सम्मान
गाती एक कोयलिया ऐसे
तार गिटार बजें सुर वैसे
भरे हुए संस्कार भी कैसे
देवखंड सुर नदियां जैसे
लेती सदा मेरा ये नाम
मैं भी रहती हूं हैरान
हिंदी मेवाड़ी हिली ज़बान
यहीं है इसकी असली पहचान
अभी हुआं है एक खुलासा
कामचोर नहीं बंधन आशा
जीना मस्ती में बिंदास
पड़ियो न इन रस्ते खास
अब क्या कहें बहुत कह डाला
एक बात रही बताना
दोस्त सबको दे भगवान
अपर्णा हो जिसका नाम
पूनम लोहार
उदयपुर राजस्थान

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