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एक बहन मिल गई,सखी मिल गई ,सहेली मिल गई, 
मुझको तो एक सुलझी पहेली मिल गई,
ये बहने  भी क्या होती है--- 
एक सुहाने ख्वाब के जैसी होती हैं,
ये किस्मत में हर किसी के दौलत नहीं होती है,
हर दुख दर्द को साझा करती,खुशियों में साथ निभाती हैं, सुखचैन इन्हीं से मिलता है, जीवन भर साथ निभाती है, कभी-कभी यह बड़ी बहन भी,माँ की भूमिका निभाती हैं,
हो गम या खुशी दोनों में सीने से यही लगाती है,
लड़क झड़क होती आपस में ,फिर हम जोली बन जाती हैं, पलभर एक दूजे के बिन यह रह नहीं पाती है ,
हर कदम-कदम पर राह दिखाती---
हर ठोकर से यही बचाती है, 
कभी-कभी यह पिता की, भूमिका भी निभाती हैं, 
हर कठिन डगर में साथ निभाती, हमजोली बन जाती हैं ,
हो बड़ी बहन या छोटी अनमोल रतन यह होती हैं ,
शीशे जैसा दिल होता है, कोहिनूर हीरा होती है ,
सब रिश्तो में इस रिश्ते की एक मिसाल बन गई,
जिस घर में हो बहन की गूंजे,उस घर की दहलीज एक वरदान बन गई।


         संगीता वर्मा✍✍