हमको ना खुशी अब  ,यूं गंवारा कोई
 तुमको हमराज बनाया था 
 अपना कोई आए 
  तो  कोई सुबाह ना हो 
  हर राज दिल में छुपाया था
  जमाना जान ना सके
   चेहरे पर हंसी का नकाब उड़ाया था
   इससे ज्यादा भला,
    क्या चाहे तुमसे
    खुद अपना दिल, हमने गंवाया था
     तेरे प्यार में लुटे बैठे हैं हम 
     तुझ पर अपना सर्वस्व लुटाया था।।





                       दिल की कलम से 



                          मधु अरोड़ा