खोया खोया सा हूं तेरी इन काली आंखों में....
दोष मेरा नहीं तेरी इन सागर जैसी गहरी आंखों का है!!!!
खोया खोया सा हूं तेरी इन लबों की मुस्कुराहट में....
दोष मेरा नहीं तेरे लबों के नीचे गहरे तिल का है!!!!
मैं और तुम से ''हम'' होने का आहट....!!!💞💞
खोया खोया सा हूं तेरे इन झुमकों की खनखनाहट में...
दोष मेरा नहीं तेरे भीनी भीनी खुशबू का हैं!!!
खोया खोया सा हूं तेरी चूड़ियों की खनक में....
दोष मेरा नहीं तेरे हाथों में लगी मेरे नाम की मेहंदी का हैं!!!!
मैं और तुम से "हम" होने की आहट....!!!💞💞
खोया खोया सा हूं तेरे पायल की झंकार में...
दोष मेरा नहीं तेरे पैरों में लगे मेरे नाम के महावर का हैं!!!
खोया खोया सा हूं तेरे इन लहरते बालों में....
दोष मेरा नहीं तेरे इन बालों की चमक का हैं!!!
मैं और तुम से "हम" होने की आहट....!!!💞💞
खोया खोया सा हूं तेरी इस पतली कमर में...
दोष मेरा नहीं तेरे कमरबंद की छनछनहाट का है!!!
खोया खोया सा हूं तेरे इस चेहरे में....
दोष मेरा नहीं तेरे इस खूबसूरत से रूप का है!!
मै और तुम से "हम" होने की आहट.....!!!❤️❤️
✍️😍 श्रेया सचान 😍✍️

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