उम्र कहती है अब तो संजीदा हो जा,पर दिल कहता है ये नादानियां ही अच्छी हैं।
संजीदा होने में रखा क्या है?
जो दिल कहे वो ही कर।
हमे तो नादानियां करने में ही मजा आता है।
मेरा दिल कुछ ऐसा है जो नादानियां करता रहता है।
तुम्हारे लिए ये नादानियां ही सही पर मेरे लिए तो ये किसी खुशी से कम नहीं।
नादानियां झलकती है मेरी आदतों से,पर चाहती हूं कि मेरी नादानियों को कोई देख ना पाए।
पर दिल कहता है थोड़ी नादानियां और सही।
हरप्रीत कौर

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