"" मां क्या आज भी कोई दीदी को देखने आ रहा है ,""?
मां आज भी मुझे पड़ोस वाली गुप्ता आंटी के घर जाना पड़ेगा"?
घर को साफ सुधरा , नए कवर,नए पर्दे देखकर कॉलेज से आते ही चंचल सी प्रीति ने मां से पूछा!!
मां _""हां बेटा चली जाना आज भी तेरी दीदी को देखने वाले आ रहे हैं जयपुर से,""
"" बहुत अच्छा रिश्ता आया है तेरी दीदी का !!
हे भगवान आज तो लड़के वाले भानु को पसंद कर लें""!
घर में यही बात हर दो महीने में चलती रहती।माध्यम वर्गीय परिवार में लड़की २२वर्ष की हुई की ,शादी के लिए रिश्तों का आना जाना लगा रहता।घर में दो बेटियां हैं ,।बड़ी बेटी भानु अब २४वर्ष की हो गई थी लेकिन लगातार तीन वर्षों से लड़के वाले भानु को देखने आते आवभगत करवाते और रिश्ता करने में ना नुकार कर जाते ।
इसका एक ही कारण था भानु का सांवला रंग और सामान्य से नैन नक्श!!
इस बीच कई बार लड़के वाले छोटी बहन प्रीति को पसंद कर लेते, और रिश्ता करने तैयार हो जाते क्योंकि प्रीति गोरी सुंदर तीखे नैन नक्श ,।यही कारण था कि भानु को देखने जब भी लड़के वाले आते तो प्रीति को पड़ोस में किसी भी घर में भेज दिया जाता था।
दोनों बहनों में आपस मे बहुत प्रेम और विश्वास है फिर भी दोनों के बीच यही विडंबना बनी रहती ,क्यों ऐसा होता है क्या शारीरिक सौंदर्य ही सब कुछ है व्यक्ति के आंतरिक स्वरूप गुणों का कोई महत्व नहीं ।।
लेकिन आज प्रीति ने तय कर लिया था कि आज वो कहीं नहीं जाएगी घर में ही रहेगी ,अपनी दीदी के साथ।
प्रीति _""मां आज मै कही नहीं जाने वाली, आज मै भी मिलूंगी सब से,!!
मां _""देख प्रीति ऐसा मत कर मै और तेरे पापा भानु के रिश्ते को लेकर पहले ही बहुत परेशान हैं।और तेरी दीदी को भी कितना दुख होता है जब लड़के वाले तुझे पसंद कर लेते हैं और दीदी को नापसंद ,"'!
प्रीति_""नहीं मां आज मै नहीं जाने वाली,आज तो दीदी का रिश्ता होकर रहेगा""!
बहुत समझाने के बाद भी प्रीति नहीं मानी और मां के साथ तैयारी में जुट गई।
तय समय पर लड़के वाले आए।स्वागत सत्कार के बाद परिचय रूपी बातचीत शुरू हुई।लड़के का नाम सुशांत है सुशांत एक साफ्टवेयर इंजीनियर हैं और परिवार भी जयपुर का नामी गिरामी है।
चाय नाश्ते के बाद मां भानु को लेने अंदर गई।भानु को देखकर आश्चर्यचकित हो गई आज भानु कितनी अच्छे से तैयार हुई है आज भानु को प्रीति ने जो तैयार किया था।।
मां _""चल भानु लड़के वाले तुझे बुला रहे हैं।
प्रीति_"" मां आप जाओ मैं दीदी को लेकर आती हूं।
मां _"" नहीं प्रीति मै भानु को लेकर जाऊंगी और देख तू अंदर ही रहना सामने मत आना""!
प्रीति_"" नहीं मां आप जाओ मैं दीदी को लेकर आती हूं।
मां के चेहरे पर चिंता की लकीरें देख दोनों बहने समझ गई। मां को तो जैसे तैसे भेज दिया पर खुद का विश्वास भी डग्मगता दिखा । दोनों को एक ही बात का डर था कहीं आज भी पहले ही जैसा हुआ तो क्या होगा ।।
विचारों को विराम दे कर दोनों बहने सभी के सामने गई ।दोनों ने नमस्कार किया और बैठ गई।सभी प्रकार की ओपचारिक बातें चल रही थी कि अचानक प्रीति ने महसूस किया कि सुशांत की मां भानु को देखने की अपेक्षा उसे ज्यादा निहार रही हैं।
तभी अचानक प्रीति ने मुस्कुरा कर कहा _""आंटी आप मुझे क्यों देख रही हैं मेरी दीदी को देखिए, ना मेरी दीदी ने इकनॉमिक्स में एम ए किया है गोल्ड मेडलिस्ट हैं और दीदी बहुत सुंदर पेंटिंग बनती हैं और खाना तो इतना स्वादिष्ट बनती हैं कि पूछो मत गाना भी बहुत सुंदर गाती हैं ""!!
और बहुत खूबियां है मेरी दीदी में,
इतना कह प्रीति चुप हो गई और माहौल में एक अजीब सन्नाटा छा गया।
सभी विस्मित भाव से प्रीति को देख रहे थे कि अचानक प्रीति की आंखो से झर झर आंसू बहने लगे।।
रोते हुए प्रीति बोली _" मैं आज आप लोगों को यह सब इसलिए बता रही हूं क्योंकि सभी को मेरी दीदी का सांवला रंग दिखता है, किसी को उनकी खूबियां नहीं दिखती,सब रिश्ते लेकर आते हैं और दीदी को ने पसंद कर चले जाते हैं ,शायद आज आप लोग भी यही करने वाले हैं ।इसलिए मैंने अपनी दीदी के गुणों के बारे मे बताया "'
""क्या सांवला रंग अभिशाप है"" ?
क्या ऊपरी सुन्दरता ही सब कुछ है, क्या व्यक्ति के गुणों का कोई महत्व नहीं""!!
प्रीति लगतार बोले जा रही थी कि अचानक सुशांत अपनी जगह से खड़ा हुआ और भानु को देखकर मुस्कुराता हुआ प्रीति से बोला _"' नहीं प्रीति ऐसा नहीं है खासकर मै तो ऐसा बिल्कुल नहीं मानता, मै व्यक्ति के आंतरिक स्वरूप को महत्वपूर्ण मानता हूं""!!
मैंने ये सब बातें आपकी दीदी की प्रोफाइल में पढ़ ली थी जो अभी आपने बताई""!! तभी तो मै आपकी दीदी को देखने आया !!
और मुझे आपकी दीदी बहुत पसंद हैं""!!
यह सुनते ही सभी के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई, और प्रीति अपनी दीदी को देख मुस्कुराने लगी !!!
कीर्ति चौरसिया
जबलपुर (मध्य प्रदेश)

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