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कुछ लोग अजीज हो जाते हैं,
कुछ अनजाने होकर भी---
दिल के करीब हो जाते हैं,
  दुनिया के इस मेले में---
किसने किसको जाना है,
प्यार के दो बोलो को--- 
केवल अपना माना है,
दिल से दिल जब मिल जाते हैं---
रिश्ते अटूट हो जाते हैं,
जो दिल के करीब है---
वही अपना नसीब है,
क्या गरीब क्या अमीर---
नियत से मालामाल है,
पास नियत का भाव नहीं---
वह अमीर भी कंगाल है,
जिसकी नियत नेक है--- 
वो गरीब भी मालामाल है,
कुछ अनजाने होकर भी---
सपने सच्चे दे जाते हैं, 
कुछ लोग अजीज होजाते हैं---
कुछ अनजाने होकर भी,
दिल के करीब हो जाते हैं।



    संगीता वर्मा✍✍