आज प्रेम दिवस पर प्रेम और सौहार्द की कामना करते हुए, 
ईश्वर से कहती हूँ कि अपने वतन में अमन चैन हो, लोग ख़ुश रहें! हम जैसे अपने घर में आपस में प्रेम से रहते हैं कुछ बर्दास्त करके, कुछ नजरंदाज करके! वैसे ही पूरे भारत में लोग ऐसे रहे तो कितना अच्छा लगेगा! 
                         आज के दिन ही फुलवामा में हमारे फौजी भाई शहीद हुए थे! उन्हे याद करके दिल भर आया! 
आज का दिन हम लोगों के लिए एक ना भूलने वाली याद है! उनकी याद में चंद पंक्ति मैंने लिखी! 

         
     हिंदुस्तान के तिमिर में, 
     घना अंधेरा छाया था! 
    आज के दिन ही दुश्मन, 
    देश ने कोहराम मचाया था! 

    मोहब्बत के दिन हर तरफ, 
     हर्षो उल्लास था! 
     अपने अपने प्रिय जनों से, 
     निभाना वादा आज था! 

      करूँगा बातें तुझसे, मन, 
      में ये एहसास था! 
      पर बीच रास्ते में ही, 
      टूट चुका सांस था! 

      मेरी आँखें जब तेरी, 
      आँखों में उलझा हुआ था, 
       वीर जवान अपने वतन से, 
       मोहब्बत निभा रहा था!! 

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     मेरी तरफ से वीरों को श्रधांजली🙏🙏🙏🙏🙏🙏
    वीर शहीदों के माता पिता बहन भाई और बच्चे सभी
  महान हैं जो अपने परिवार के अभिन्न हिस्सा खोते हैं और
सब्र से रहते हैं और गर्व होता है उन्हें कि वो शहीद जवान के सगे संबंधियों में से हैं! 
    
        एक शहीद की पत्नी के प्रेम और दर्द के मिले जुले भावों को को मैंने दर्शाया है! 
           सूनी मांग, सूनी कलाई, 
            सुना बिस्तर कर गए! 
           मुझे जीवन भर का सब्र देकर, 
            वतन से मोहब्बत कर गए!! 

           गर रोना भी आये तो, कर लूँ, 
          याद, तेरी कुर्बानी को! 
          याद भरी मोहब्बत, नाम मेरे कर गए!! 
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मैं अपनी  लेखन समाप्त करती हूँ! आज के लिए इतना ही! 
        जय हिंद 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

   
                      श्वेता कर्ण