सत्य है अटल ,सत्य ईश्वर
सत्य है ताकत ,सत्य अनश्वर।
लिया जिसने यह स्वीकार
हुई हमेशा उसकी जीत ।।
          साथ उसके सारी कायनात
डरा न सके, न कोई डर
ऐसी हिम्मत,देता वह भर।
लिए  सत्य  की  तलवार
चल पड़े, देने उसे मात ।।
        साथ उसके सारी कायनात
लड़ते-सहते ,ना माने हार
गिर-उठ के ना सहते प्रहार।
डटके-चमके,हाथ उसके तलवार
डर गई देख झूठ की बिसात ।।
        साथ उसके सारी कायनात
आगे बढ़ते,चले वह निरंतर
क्यों ?
माने अपनी वह हार।
लिए  सत्य की  तलवार
दम तोड़े झूठ की बिसात ।।
         साथ उसके सारी कायनात
झूठ पर सदा ,सत्य है भार
हुई सत्य की,जय-जयकार
लिया सबने यह स्वीकार
हुई हमेशा "सत्य की जीत"
         साथ उसके सारी कायनात



           
             मनीषा भुआर्य ठाकुर
                 कर्नाटक