❤❤❤❤❤ ॐ ❤❤❤❤❤
.दिल की दुनिया क्या होती है---
यह जानती ही नहीं थी,
सुनी नहीं कभी दिल की---
यह भी, मानती ही नहीं थी,
दिल की दुनिया भी होती है---
इस दुनिया की भीड़ में,
एक दिल भी है मेरा---
यह जानती ही नहीं थी,
नजरअंदाज करती रही---
दिल को,दिल की कभी सुनी नहीं,
दिल को दिया है दुख तो---
आज सहना भी पड़ेगा,
होश में आए हैं आज तो---
दिल की सुनना भी पड़ेगा,
चलो,आज अपने दिल से---
थोड़ी सी बात कर लेते हैं,
झांक के देखा दिल के---
अंदर, दिल मेरा दुख गया,
नाराजगी मे बोला दिल मुझसे---
खैर, खबर नहीं मेरी ली,
कैसे मनाती दिल को ---
कुछ अपनी भी मजबूरी थी,
सबकी सुनी इस जीवन में---
दिल की कभी सुनी नहीं,
बेटी बनकर सुनी पिता की---
पत्नी बन कर सुनी पति की,
मां बनकर बच्चों की---
हर रिश्ते में, मैं सुनती रही,
अब थोड़ी सी फुर्सत में,मैं---
दिल से बातें करती हूं,
अच्छा लगता है दिल को भी ---
खुश मैं भी हो जाती हूं,
कहते हैं सब दिल की सुनकर---
हमेशा आगे बढ़ते हैं,
दिल की धड़कन है तो हम हैं---
रुक जाए तो सब गुम है,
सुनते रहना दिल के बोल---
क्योंकि-- दिल की धड़कन है अनमोल❤😊
संगीता वर्मा✍✍

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