सत्य है अटल ,सत्य ईश्वर
सत्य है ताकत ,सत्य अनश्वर।
लिया जिसने यह स्वीकार
हुई हमेशा उसकी जीत ।।
साथ उसके सारी कायनात
डरा न सके, न कोई डर
ऐसी हिम्मत,देता वह भर।
लिए सत्य की तलवार
चल पड़े, देने उसे मात ।।
साथ उसके सारी कायनात
लड़ते-सहते ,ना माने हार
गिर-उठ के ना सहते प्रहार।
डटके-चमके,हाथ उसके तलवार
डर गई देख झूठ की बिसात ।।
साथ उसके सारी कायनात
आगे बढ़ते,चले वह निरंतर
क्यों ?
माने अपनी वह हार।
लिए सत्य की तलवार
दम तोड़े झूठ की बिसात ।।
साथ उसके सारी कायनात
झूठ पर सदा ,सत्य है भार
हुई सत्य की,जय-जयकार
लिया सबने यह स्वीकार
हुई हमेशा "सत्य की जीत"
साथ उसके सारी कायनात
मनीषा भुआर्य ठाकुर
कर्नाटक

6 टिप्पणियाँ
शानदार प्रस्तुति