सूरज की सुबह "जीवन की किरणें """"
🌹देखकर उनको """तू मुस्कुरता होगा न"""
🌹किरणों की पायल "रुनझून छनकती"""
🌹तू खिलखिलता "होगा न""""""
🌹दुपहर की उष्मा "तपते बदनपर """""
🌹हौले से सहलाती "होगी न""""
🌹जीवन की बगिया मे "खुशबू हैं तेरी """
🌹याद मेरी सताती ""होगी न""""
🌹शाम को वापस आऐ "परिन्दे"""""
🌹तू भी तो आया" होगा न""""""
🌹विरह मे तेरी "तडपू मे ऐसे """"::
🌹तू भी तो "तडपा होगा """""""
🌹चाँद चकोरा" मिलने को आऐ""""""
🌹तू भी तो मचला" होगा न"""""""
🌹सपनो मे तेरे "मिलने मैं आऊँ"""""
🌹तू भी "शरमाया होगा न"""""
रीमा ठाकुर

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