श्यामा तेरा नाम रहे मुख पर
  सुबह शाम आठो याम रहे 
  सुख दुख में सुमिरू तुझे 
  हर रास्ता आसान रहे
   श्यामा तेरा नाम रहे मुख पर 
   नाम जपते रहे 
    काम करते रहें 
   पाप वासनाओं से नित डरते रहे 
   श्यामा तेरा नाम रहे मुख पर
   सुबह शाम आठो याम रहे
    दुख में तड़पे नहीं
    सुख में भूले नहीं
    प्रेम रस हम सब पर लुटाते चले
    ध्यान आएगा उनको कभी ना कभी 
    भक्त पाएगा उनको कभी ना कभी
     ऐसा विश्वास मन में बिठाते चले 
     तेरा साथ पाकर श्यामा
     जिंदगी की राह पर मुस्कुराते चले
      श्यामा तेरा नाम रहे मुख पर 
      सुबह शाम आठो याम रहे।।
                       स्वरचित

                           मधु अरोड़ा