मुझको तो भाती है बस ,पेंटिंग मेरी महारानी की 
खूब लडी मर्दानी बह तो झाँसी बाली रानी की ।

जोश ह्मदय मे भर देती है ,ना डरना तुम कहती है
जब जब नमन करू इनको तो हौले से हँस देती है।

कोमल हो कमजोर नही हो ,हमको यह बतलाती है 
जब आये विपदा कोई तो.सिंहनी सा भाव जगाती है ।

अबला अबला मत बनना ,रणचंडी बनकर जीना तुम
भावो से कोमल हो चाहे,मन से वीरागंना बनना तुम ।

प्रेरणा देना नारी शक्ति को ,मेरी गाथा सुनाना तुम 
जब आये मुश्किल नारी पर ,याद मेरी दिलाना तुम।

ममता की मूरत हो चाहे ,प्रियसी कोमालांगी नारी हो 
जब हो  अपमान तुम्हारा ,तुम दुर्गा कालि वीरागंना हो ।

सारे गुण मेरे ले लो तुम ,भारत की नारी महारानी हो तुम 
छोड बिचारापन का मुखडा ,रानी झाँसी बन जाओ तुम ।

याद करो तुम मेरा जौहर ,मन मे  मुझे बसा लो तुम  
आज धरा पर घूमे रावण ,मेरी तलवार उठा लो तुम ।

जब श्रद्वा से इन्हे पुकारू ,संग खडी मुस्कराती है 
धर देती है हाथ शीश पर ,ऐसा आशीष लुटाती है।





                     मीनाक्षी शर्मा